एक्सपेंस का अर्थ होता है खर्च अथवा व्यय मतलब किसी भी चीज को खरीदने अपनी जरूरतों की पूर्ति के लिए चुकाए गए मूल्य को खर्च एवं व्यय कहते है. खर्चे कई प्रकार के होते है यदि हम बाजार से कोई सामान खरीदते है जैसे घरेलु सामान खाने पिने की वस्तुए रोज महरा का सामान इनके बदले में हम पैसे देकर इनका मूल्य चूकाते है इसे एक्सपेंस यानि खर्च कहते है.

Expense Meaning in Hindi Explain with All Definition :


हम रोज कई प्रकार के खर्चे करते है जैसे :- अगर हम कही भी आते जाते है तो हम यातायात के साधनो जैसे ऑटो रिक्शा, बस, ट्रैन, हवाई जहाज आदि का इस्तेमाल करते है जिनके लिए हमे पैसे देने होते है. सभी को अपने अपने घरो में दैनिक उपयोगी वस्तुओ की जरुरत होती है जिनके बिना हमारे कोई भी काम नहीं हो सकते हमें अपने रोजमर्रा की वस्तुए भी खरीदनी पड़ती है।

खाने-पिने, घूमने-फिरने, त्योहारों पर आदि हर जगह खर्चे होते है. खर्चो की कोई सिमा नहीं होती है दिन पर दिन आने वाले दिनों में बहुत सी नए - नए उपकरण आते जा रहे है जो हमारे दैनिक जीवन की आवश्यकता बनते जा रहे है जिनसे खर्चो में वृद्धि होती जा रही है.



दुनिया में जितनी भी गतिविधिया होती है सभी में खर्चे होते हैl खर्चे की देश में हो रहे क्रियाकलापों की भी बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका है देश की प्रगति के लिए किये काने वाले हर काम में व्यय होता है जिसमे पूंजी की जरुरत होती है. 

एक अच्छे देश के निर्माण के लिए बहुत पैसे खर्च होते है जैसे सरकार के द्वारा नयी नयी योजनाए निकलना, सड़क बनवाना और भी कई तरह के निर्माण कार्य करना सभी में खर्चे होते है बिना पूंजी के कोई भी देश नहीं चल सकता देश की प्रगति के लिए होने वाले खर्चो को सरकार हमसे टैक्स यानि कर के जरिये लेती है सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनितिक आदि

सभी कार्यो में व्यय होते है वैसे तो खर्चो के अनगिनत प्रकार होते है जिन्हे हम शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते लेकिन चलिए हम कुछ ऐसे खर्चो और व्यय पर बात करते है जिनका हमारे जीवन में बहुत महत्व है जो खर्चे हमारे दैनिक जीवन से जुड़े है.

Details of Expense in Hindi and Every Tips :


जैसे :- घरेलु खर्चे - हमें रोज कई चीजों की जरुरत पड़ती है जैसे खाने पिने के लिए, घूमने, कही भी आने जाने के लिए, मनोरंजन के साधनो जैसे मोबाइल, टी.वी, सिनेमा आदि हर काम में पैसे खर्च होते है जो इंसान की रोज की जरूरतों की वस्तुओ की पूर्ति के लिए वह अपनी जरुरत का सामान खरीदता है और खाने पिने, रहने, बिजली, पानी, कपडे आदि सभी में खर्चे की विशेष भूमिका है.

दूसरा महत्वपूर्ण खर्च है कार्य है शिक्षण परिवेश आज के समय में पढ़ाई लिखाई बहुत जरुरी हो गई है l अनपढ़ व्यक्ति को कोई नहीं पूछता आज के समय में सभी यही चाहते है की वह उच्च शिक्षा प्राप्त करे कोई बिना पढ़े लिखे व्यक्ति का आज के समय मे कोई स्थान नहीं है। बड़े -बड़े स्कूलों, कॉलेज आदि में हर कोई जाना चाहता है जहा पर अधिक फीस होती है इसलिए शिक्षण परिवेश बड़े - बड़े परिवेशों में से एक है व्यक्ति जितनी उच्च शिक्षा प्राप्त करता है उसमे उतना ही ज्यादा खर्चा लगता है.

उसके बाद आते है सामाजिक खर्चे , लोग त्योहारों आदि पे कई प्रकार के खर्चे करते है हमारे देश में सबसे ज्यादा खर्च सामजिक कार्यक्रमों पर किया जाता है लोग कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करते है जिसमे बहुत से खर्चे होते है l सबसे अधिक खर्च त्यौहारो पर किया जाता है.

उसके बाद आते है राजनैतिक खर्चे- सरकार द्वारा बहुत से राजनैतिक कार्यक्रम आए दिन होते रहते है जिसमे सबसे ज्यादा पूंजी का परिवेश होता है l चुनाव के समय पर लाखो करोडो रुपए खर्च किये जाते है चुनावो के प्रचार के लिए कई तरह के कार्यक्रम सभाए होती है जिनके तयारिओ में सबसे ज्यादा धन परिवेश होता है.

दूसरा हमारे देश में मानव जीवन को सुलभ बनाने के लिए आए दिन नए -नए अविष्कार होते रहते है आए दिन नयी-नयी तकनीकी आती रहती है इस क्षेत्र मै विज्ञानं ने भारी प्रगति की है नयी -नयी चीजों के निर्माण से लोगो में उन्हें खरीदने का उत्साह बढ़ता है जिससे हमारे दैनिक खर्चो में बढ़ोतरी होती रहती है l इसी प्रकार से खर्चो का हमारे जीवन में विशेष स्थान है और इससे कई प्रकार की समस्याए भी उत्पन्न होती है.

दुनिया में जितनी भी गतिविधिया होती है सभी में खर्चे होते है खर्चे की देश में हो रहे क्रियाकलापों की भी बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका है जो इंसान की रोज की जरूरतों की वस्तुओ की पूर्ति के लिए बहुत आवयशक है अनगिनत प्रकार के खर्चे हमारे दैनिक जीवन से जुड़े है.

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